सोसायटी की सदस्यता और सदस्यों का वर्ग-
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संस्था की सदस्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन पत्र प्रबंध समिति के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। समिति आवेदन पत्र की समीक्षा करेगी। समिति के निर्णय के बाद ही कोई भी व्यक्ति संगठन का सदस्य बन सकता है। आवेदक का वयस्क होना अनिवार्य होगा। सदस्यता का वर्गीकरण इस प्रकार होगा -
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संरक्षक सदस्य: संगठन के संस्थापक संरक्षक सदस्य कहलाते हैं। संस्था की स्थापना के लिए संस्था की निधि में उनके द्वारा दी गई चल-अचल संपत्ति उनकी सदस्यता शुल्क होगी।
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आजीवन सदस्य: जो सज्जन इस संस्था को एकमुश्त 5,000/- रुपये या इससे मिलते-जुलते मूल्य की संपत्ति चल या अचल रूप में देंगे, वह सज्जन इस संस्था का आजीवन सदस्य बन जाएगा।
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साधारण सदस्य : जो व्यक्ति संगठन के उद्देश्यों में विश्वास रखते हैं और निःस्वार्थ भाव से संगठन के विकास के लिए निर्धारित वार्षिक सदस्यता शुल्क 500/- रुपये का भुगतान करते हैं, वे संगठन के सामान्य सदस्य होंगे।
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विशिष्ट (गणमान्य) सदस्य : ऐसे सज्जन जिनकी आवश्यकता इस संस्था को महसूस हो तथा वो भी संस्था का तन-मन-धन से सहयोग करने के लिए तत्पर हों,विद्वान, सरकार द्वारा सम्मानित एंव उपाधि प्राप्त तथा सम्मानित जनप्रतिनिधियों को वर्तमान कार्यकारिणी दो वर्ष के लिए संस्था का विशिष्ट सदस्य मनोनीत कर सकती है | ऐसे सदस्य सदस्यता शुल्क से मुक्त होंगे | उनकी स्वेच्छा से दिया गया दान एंव चंदा संस्था को स्वीकार होगा | ऐसे सदस्यों को चुनाव में मत देने अथवा भाग लेने का अधिकार नही होगा परन्तु प्रतिबन्ध यह है कि ऐसे सदस्यों की संख्या एक समय में 5 से अधिक नहीं होगी |
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सदस्यता की समाप्ति: किसी भी सदस्य की सदस्यता निम्नलिखित कारणों से समाप्त कर दी जाएगी -
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मृत्यु पर
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पागल होने पर
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दिवालियेपन में
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समय पर सदस्यता शुल्क का भुगतान करने में विफलता
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संगठन की लगातार तीन बैठकों में बिना कोई कारण बताये अनुपस्थित रहने पर
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जब किसी सदस्य के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव 2/3 से अधिक बहुमत से पारित हो जाता है
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महासभा द्वारा त्यागपत्र स्वीकार करने पर
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न्यायलय द्वारा दण्डित होने पर
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संगठन के खिलाफ करने पर
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